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Kuliyat e Sahir / کلیات ساحر Quotes

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Kuliyat e Sahir / کلیات ساحر Kuliyat e Sahir / کلیات ساحر by Sahir Ludhianvi
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“मै� हर इक पल का शा�'� हू�
हर इक पल मिरी कहानी है

हर इक पल मेरी हस्ती है
हर इक पल मिरी जवानी है

रिश्तो� का रू� बदलत� है
बुनियादे� ख़त्� नही� होती�

ख़्वाबों की और उमंगों की
मीआदें ख़त्� नही� होती�

हर फू� मे� तेरा रू� बस�
हर फू� मे� तेरी जवानी है

इक चेहर� तेरी निशानी है
इक चेहर� मेरी निशानी है

तु� को मु� को जीवन-अमृत
इन हाथो� से ही पीना है

इन की धड़क� मे� बसना है
इन के साँसों मे� जीना है

तू अपनी अदाए� बख़्� इन्हें
मै� अपनी वफ़ाएँ देता हू�

जो अपने लि� सोची थी कभी
वो सारी दुआए� देता हू�”
Sahir Ludhianvi, Kuliyat e Sahir / کلیات ساحر
“कल को� मु� को या� कर� क्यू� को� मु� को या� कर�
मसरूफ़ ज़माना मेरे लि� क्यू� वक़्� अपना बर्बाद करे।”
Sahir Ludhianvi, Kuliyat e Sahir / کلیات ساحر